पंजाब में बठिंडा के वूमेन एंड चिल्ड्रन सिविल अस्पताल से बीते रविवार की दोपहर 4 दिन के एक नवजात बच्चे को मां-बेटी चोरी कर फरार हुई थी। जिला पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही बठिंडा के एक समाजसेवी की मदद से बच्चे को गांव मलूका से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
आरोपी मां-बेटी बठिंडा के गांव कोठा गुरु की रहने वाली हैं। दोनों ने बच्चे को मलूका गांव में छिपा रखा था। SSP बठिंडा कुछ देर बाद मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देंगे।
दरअसल, आरोपियों के सिविल अस्पताल से बच्चा चोरी फरार होने के बाद बठिंडा पुलिस ने उनकी फोटो को वायरल किया था। इसके बाद बठिंडा के समाजसेवी गुरविंदर शर्मा को किसी व्यक्ति ने फोन कर महिलाओं की पहचान बताई। बताया गया कि आरोपी महिलाएं मां-बेटी हैं और कोठा गुरु की रहने वाली हैं।
समाजसेवी गुरविंदर शर्मा को सूचना देने वाले व्यक्ति ने बताया कि आरोपी महिलाएं आपराधिक प्रवृत्ति की हैं। क्योंकि इससे पहले भी उन पर एक बच्ची को नहर में फेंकने का आरोप है। साथ ही चिट्टे की तस्करी का आरोप भी है। इसके बाद गुरविंदर शर्मा ने बठिंडा सिटी के DSP विश्वजीत सिंह को सूचना दी। सूचना मिलने पर SSP बठिंडा जे. एलनचेलियन ने CIA स्टाफ के तरजिंद्र सिंह को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा।
बेटे ने बताई मां-बेटी की करतूत
CIA स्टाफ ने सबसे पहले आरोपी महिला के बेटे को पकड़ा। उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां-बहन ने ही बच्चा चोरी किया है। बेटे ने बताया कि गांव मलूका में एक मकान किराए पर लेकर आरोपियों ने बच्चे को वहीं छिपाया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने वहां छापामारी कर बच्चे को सुरक्षित बरामद किया।





