Wednesday, September 30, 2026
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‘ब्राइट माइंडज़ पंजाब’ कार्यक्रम की रूपनगर से शुरुआत; 12वीं कक्षा में 85% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 600 से अधिक छात्रों का सम्मान

पढ़ाई-लिखाई में शानदार प्रदर्शन को मान्यता देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी श्री मनीष सिसोदिया के साथ आज रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब स्थित विरासत-ए-खालसा में ‘ब्राइट माइंडज़ पंजाब 2026’ कार्यक्रम की शुरुआत की।

उद्घाटन समारोह में रूपनगर जिले के 600 से अधिक विद्यार्थियों, जिन्होंने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 85% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, को अचीवमेंट सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। स. बैंस ने कहा कि इस कार्यक्रम को पूरे सूबे के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए स. बैंस ने घोषणा की कि इस शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद, छठी कक्षा से सभी सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) को विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों को समय के अनुरूप और विश्व स्तर के मुकाबले के योग्य बनाने के लिए उन्हें नई तकनीकों से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि ए.आई. पारंपरिक भूमिकाओं को बदलते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, इसलिए पंजाब के बच्चों को आगे बढ़कर इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी रैंकिंग इंडेक्स में पंजाब ने स्कूल शिक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी-आधारित सुधार राज्य के इस अग्रणी दर्जे को बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पी.एस.ई.बी. परीक्षाओं के उत्तर पत्र अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे और यह सुविधा हमारी शिक्षा व्यवस्था में विश्वास और निष्पक्षता को और मजबूत करेगी।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में सवाल पूछकर और सुधारों पर सुझाव देकर सक्रिय रूप से भाग लिया, जहां नीति निर्माताओं और युवा विद्यार्थियों के बीच एक अनोखा और रचनात्मक संवाद देखने को मिला। उन्होंने कहा कि ‘ब्राइट माइंडज़ पंजाब 2026’ कार्यक्रम अब सभी जिलों में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य पूरे राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

इस दौरान श्री मनीष सिसोदिया ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया और शिक्षा ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए उनके विचार मांगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर घर और हर बच्चे की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच होनी चाहिए। एक देश की प्रगति पूरी तरह अपनी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत के कई राज्य अभी भी सीखने की गुणवत्ता में गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों और सरकार की साझा जिम्मेदारी बनती है।

शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयासों और नए विचारों की जरूरत पर जोर देते हुए श्री सिसोदिया ने कहा, “सफलता केवल कड़ी मेहनत, अनुशासन और नई सोच से ही प्राप्त की जा सकती है। हमारे विद्यार्थी पहले ही साबित कर रहे हैं कि वे शिक्षा में देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।”

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