चंडीगढ़, 12 दिसंबर | तिरपाल की खरीद में पंजाब की मार्केट कमेटी के 107 करोड़ रुपये लगे हैं। तिरपाल महेंगे रेट लेकिन खरीदा हुआ पाया गया, इसके टेंडर रोक दिए गए हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिली। बाद में उन्होंने जांच के आदेश दिये। पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह इसकी जांच करेंगे। जांच में सही साबित होने पर वह टिंडर को रद्द कर सकता है।

क्या बात है
सूत्रों के मुताबिक शासन तक शिकायत पहुंची है। बताया गया है कि बाजार समिति द्वारा खरीदा गया तिरपाल महंगा खरीदा जा रहा है। तिरपाल का रेट लगभग दोगुना है। जिससे सरकारी खजाने को सफेद किया जा रहा है।
इसकी जांच की जायेगी
सूत्रों ने बताया कि सीएम को इसकी जांच करनी है कि तिरुपाल के रेट अचानक कैसे बढ़ गए। पहले किस रेट पर बिक रही थी और अब किस रेट पर सरकार को बेची जा रही है? इस पर रिपोर्ट मांगी गई है। सीएम भगवंत मान अचानक हुई बढ़ोतरी का कारण जानना चाहते हैं।
बरसात के दिनों में तिरपाल उपयोगी होते हैं
मार्केट कमेटी पंजाब में मंडियों की प्रभारी है। यहां बिकने के लिए आने वाली फसल की देखरेख की जिम्मेदारी भी मार्केट कमेटी की होती है। विशेषकर, मानसून में फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए यह तिरपाल खरीदा जा रहा है, जिसके खराब होने की शिकायत के बाद आशंका जताई जा रही है।





