चंडीगढ़, 12 दिसंबर | चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर और उनके निजी सचिव (पीए) सहदेव सलारिया से जान को खतरा होने का आरोप लगाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। यह याचिका मनीमाजरा के चैतन्य अग्रवाल ने दायर की थी। इस याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता और उसके परिवार को एक हफ्ते के लिए सुरक्षा देने का निर्देश दिया है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी को इस दौरान घर की चारदीवारी के भीतर ही रहना होगा। शोक सभा में सिर्फ मेडिकल जरूरतें, घरेलू सामान या परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार या दोस्त को ही जाने की इजाजत होगी। यदि याचिकाकर्ता या उसकी पत्नी घर से बाहर निकलती है तो सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश वापस लिया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश याचिकाकर्ता के दो नाबालिग बच्चों पर लागू नहीं होगा।
मनीमाजरा निवासी चैतन्य अग्रवाल ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए याचिका में कहा है कि वह अपने जीजा के माध्यम से सांसद किरण खेर और उनके पीए सहदेव सलारिया के संपर्क में आए। वह पेशे से कारोबारी हैं और निवेश एजेंट के तौर पर उन्होंने अगस्त में सांसद से 8 करोड़ रुपये लिए थे। उन्होंने किरण खेर के बैंक अकाउंट में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे, जबकि 6 करोड़ की देनदारी बाकी थी।
नवंबर में उनसे बकाया रकम तुरंत लौटाने को कहा गया. इस वजह से उन्हें अपने भाई की शादी का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। एक दिसंबर को उसे घर बुलाया और प्रताड़ित किया। पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल और चेक देने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया। इसके बाद उच्च रक्तचाप के कारण उन्हें दो दिनों तक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऐसे में उनकी और उनके परिवार की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।





