चंडीगढ़, 8 दिसंबर| पंजाब में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को कार्यभार संभालने के बाद पूर्व में दी गई सेवाओं को जोड़ने के हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना अधिकारियों को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों को सेवा लाभ जारी होने तक वित्त और शिक्षा विभाग के मुख्य सचिवों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
अनिल कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं ने 2012 में मांग की थी कि सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने पर सहायता प्राप्त स्कूलों में दी गई सेवाओं को भी उनके वेतन निर्धारण में जोड़ा जाए। इस पर हाईकोर्ट ने सेवाओं को मिलाकर वेतन तय करने का आदेश दिया था, जिसका सरकार ने पालन नहीं किया।
16 अगस्त 2023 को सरकार ने कहा था कि आदेश के अनुपालन के लिए काम किया जा रहा है। 3 महीने बाद जब मामला दोबारा सुनवाई के लिए आया तो हाई कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार अब तक आदेश का पालन करने में विफल रही है। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक सख्त आदेश जारी नहीं होंगे, अनुपालन नहीं होगा।
ऐसे में हाईकोर्ट ने वित्त और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिवों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। इन अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन होने तक वेतन जारी नहीं करने का आदेश दिया गया है। इस याचिका पर अब फरवरी महीने में सुनवाई होगी।





