चंडीगढ़। शहर के हर सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कोविशील्ड वैक्सीन का स्टाक खत्म हो गया है। लोगों को सतर्कता यानी वैक्सीन की तीसरी डोज लगवाने में दिक्कत आ रही है। पंजाब और हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में भी यही हाल है। कोरोना के नए वैरिएंट के संकट को देखते हुए एक तरफ लोगों को सतर्कता डोज लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ वैक्सीन का स्टाक खत्म होने की वजह से लोगों को टीकाकरण कराने में दिक्कत आ रही है।
सिर्फ कोवैक्सीन का स्टाक है उपलब्ध
बता दें कि चंडीगढ़ में 80 फीसद से अधिक लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगवाई है, क्योंकि चंडीगढ़ में कोविड टीकाकरण अभियान जब शुरू किया गया था, उस समय कोविशील्ड वैक्सीन लगानी शुरू की गई थी, बाद में कोबैक्सीन लगाना भी शुरू किया गया था। शहर के अस्पतालों में सिर्फ कोवैक्सीन का स्टाक उपलब्ध शहर के अस्पतालों में इस समय सिर्फ कोवैक्सीन का स्टाक उपलब्ध है। ऐसे में 18 साल से अधिक उम्र के जो लोग कोवैक्सीन की पहली, दूसरी या फिर सतर्कता डोज लगवाना चाहते हैं, सिर्फ उनका टीकाकरण ही किया जा रहा है।
अमृत महोत्सव के बाद निश्शुल्क सतर्कता डोज बंद
केंद्र सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की तीसरी यानी सतर्कता डोज निशुल्क लगवाने का अवसर दिया था। स्वास्थ्य निदेशक डा. सुमन सिंह ने बताया कि अब सरकारी अस्पतालों में सतर्कता डोज निश्शुल्क लगनी बंद हो गई है। केवल 60 साल से अधिक उम्र के लोगों, फ्रंटलाइन और हेल्थ केयर वर्करों को ही सतर्कता डोज निश्शुल्क लगाई जा रही है।
डा. सुमन सिंह ने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन का स्टाक खत्म होने पर तत्काल प्रभाव से वैक्सीन का स्टाक मंगवाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्र को सूचित कर दिया गया है। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों, फ्रंटलाइन और हेल्थ केयर वर्करों को सतर्कता डोज लगवाने के लिए तीन हजार डोज मांगी गई है। केंद्र सरकार के पास स्टाक में इस समय कोविशील्ड वैक्सीन पड़ी है, उसकी एक्सपायरी फरवरी 2023 तक की है। कोशिश है कि एक्सपायरी से पहले कोविशील्ड वैक्सीन का स्टाक लेकर लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।





