मानसा। सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। बताया जाता है कि वीडियो कॉल के माध्यम से थ्री इडियट फिल्म की तरह डिलीवरी करवाने से उनकी मौत हुई है। महिला और बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के लिए अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। अस्पताल के स्टाफ ने इमरजेंसी में डॉक्टर को वीडियो कॉल किया और डिलीवरी करवा दी और मां-बच्चे की मौत हो गई। मौके पर डॉक्टर नहीं आया।
परिजनों का आरोप है कि एक तरफ पंजाब सरकार सिविल अस्पताल में निजी अस्पतालों जैसी सुविधाओं का दावा करती है, जबकि यहां पर हालात कुछ ओर ही हैं। सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए महिला को भर्ती करवाया गया था, लेकिन लापरवाही ने दोनों की जान ले ली। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब दोनों की मौत हो गई तो उनसे कुछ कागजों पर साइन करवा लिए गए। पीड़ित परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है।
सिविल अस्पताल मानसा के प्रभारी डॉक्टर कमल ने कहा कि अभी तक उनके पास शिकायत नहीं पहुंची है, लेकिन अस्पताल में मृतका के परिजन के हंगामा करने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि वह सारे मामले की जांच करवाएंगे।
कोई डॉक्टर जानबूझ कर किसी मरीज को नहीं मारता : सिंगला
स्थानीय विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सीएमओ से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि वह सारे मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे। सिंगला ने कहा कि कोई डॉक्टर जानबूझ कर किसी मरीज को नहीं मारता। फिर भी लापरवाही की जांच करवाएंगे और वीडियो कॉल पर डिलीवरी की भी जांच करवाएंगे।





