लुधियाना, 17 दिसंबर| साइबर फ्रॉड के जरिए ठगों द्वारा लूटी गई शहरवासियों की मेहनत की कमाई को वापस लाने के लिए लुधियाना पुलिस विशेष प्रयास कर रही है। जिन ठगों के खाते पुलिस ने फ्रीज कर दिए हैं, उनके खाते से अब पैसे वापस शिकायतकर्ताओं के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
साइबर अपराधियों के बैंक खातों में लाखों रुपये जमा होने की जानकारी मिलने के बाद लुधियाना के पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने साइबर सेल को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एडिशनल डीसीपी हेड रूपिंदर भट्टी ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने में मदद करने के लिए साइबर सेल लुधियाना द्वारा एक योजना तैयार की।
1930 हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, 457 CRPC के तहत प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि 9 दिसंबर को लोक अदालत में साइबर सेल द्वारा 36 मामलों के आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लुधियाना की अदालत में प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से अब तक 33 आवेदन उक्त अदालत द्वारा स्वीकार किए गए हैं और न्यायालय के आदेश प्राप्त हो गये हैं।
संबंधित बैंक साइबर अपराध के शिकायतकर्ताओं को फ्रीज की हुई राशि जारी करेंगे। शिकायतकर्ताओं को 28.5 लाख रुपये की राशि जारी करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही इसके दुरुपयोग में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। लुधियाना में साइबर क्राइम की बढ़ती शिकायतें सामने आ रही हैं। धोखाधड़ी, सोशल मीडिया प्रोफाइल को हैक करने का लगातार दुरुपयोग हो रहा है।
साइबर सेल ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करती है और धोखाधड़ी वाले बैंक खातों में जमा राशि को फ्रीज करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध होने पर साइबर सेल, साइबर क्राइम पोर्टल, सराभा नगर थाने में संपर्क करना चाहिए।





