Wednesday, April 29, 2026
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पीसीएस अफसरों की हड़ताल के समर्थन में दूसरे कर्मचारी संगठन भी उतरे, दफ्तरों में पसरा सन्नाटा

लुधियाना के आरटीए नरिंदर धालीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ सामूहिक अवकाश पर गए राज्य के पीसीएस अधिकारियों को कई अन्य विभागों के अफसरों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल गया है। मंगलवार को आबकारी एवं कराधान विभाग के अफसरों ने पंजाब पीसीएस आफिसर्स एसोसिएशन (पीसीएसए) के समर्थन में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल के तौर पर सामूहिक अवकाश लिया। इसके अलावा राजस्व विभाग, परिवहन विभाग से जुड़े सभी जिलों के आरटीए कार्यालयों के कर्मचारी संगठनों, पीएसईबी इंजीनियर्स, नगर निगमों के कर्मचारी संगठनों ने पीसीएसए की हड़ताल का समर्थन किया है।

कई जिलों में दफ्तरों में पीसीएस अफसरों के साथ ही क्लेरिकल स्टाफ भी हड़ताल पर रहे, जिससे संबंधित विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप होकर रह गया। हड़ताल के चलते प्रदेश के सेवा केंद्रों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। एक भी जगह रजिस्ट्री का काम नहीं हुआ। इसके चलते राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। मंगलवार को दिन भर लोग कचहरियों और दूसरे दफ्तरों के चक्कर काटते रहे लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

राजस्व विभाग के अधिकारियों और मुलाजिमों की हड़ताल के चलते रजिस्ट्रियों का काम एक बार फिर ठप हो गया। वहीं, आबकारी एवं कराधान अधिकारी खुलकर पीसीएस अधिकारियों के समर्थन में उतरे।

पटियाला में प्रदेश के नगर निगम कर्मचारी दल, म्युनिसिपल वर्कर यूनियन, स्वीपर यूनियन, ए-टैंक से टेक्निकल यूनियन और सीवरेज यूनियन ने संयुक्त रूप से हड़ताल को समर्थन देने का एलान कर दिया। निगम कार्यालय में दो घंटे की हड़ताल कर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि केवल कृष्ण, शिव कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार ने विजिलेंस विभाग को अतिरिक्त शक्तियां देकर आईएएस और पीसीएस अधिकारियों पर तय नियमों के विपरीत जाकर कार्रवाई की है, जो पूरी तरह से गलत है।

तहसीलों से बैरंग लौटे आवेदक 
अमृतसर में पीसीएस अधिकारियों के समर्थन में कानूनगो एसोसिएशन, नायब तहसीलदार जैसे अफसर वर्ग के राज्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।  हड़ताल का असर तहसीलों में होने वाली रजिस्ट्रियों पर भी दिखा। रजिस्ट्रारों ने भी पीसीएस एसोसिएशन की हड़ताल का समर्थन करते हुए तहसीलों में रजिस्ट्रियों का काम बंद कर दिया।

पीसीएस अधिकारियों की हड़ताल के चलते पहले से ही सेवा केंद्रों से जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र का काम बंद पड़ा है। अब रजिस्ट्रियों के लिए अपाइंटमेंट लेने के बावजूद भी आवेदकों को तहसील से बैरंग ही लौटना पड़ रहा है। अमृतसर जिले में ही रोजाना कम से कम 50 से 60 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

जालंधर में आरटीए व स्टाफ 13 जनवरी तक सामूहिक छुट्टी पर चला गया है। इसके कारण दफ्तरों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया हैं। इस हड़ताल के कारण रोजाना पब्लिक से जुड़े काम, लाइसेंस आवेदन करने व अन्य कईं तरह के कार्य ठप्प होकर रह गए हैं। विभागीय बिल्डिंग में ताला लगा हुआ है, जिससे लोगों को कार्य करवाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा है। आरटीए के सामहिक छुट्टी पर चले जाने के बाद क्लर्क भी सामूहिक छुट्टी पर चले गए हैं।

डीसी दफ्तर यूनियन ने भी काम करना बंद कर दिया है जिससे जिले की सभी तहसीलों के काम भी ठप हो गए हैं और लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रजिस्ट्री से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस, सर्टिफिकेट और डीसी दफ्तर में मिलने वाली 44 तरह की सेवाएं पूरी तरह से ठप है। यूनियन के प्रदेश प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल और महासचिव नरिंदर सिंह चीमा ने कहा कि वह पीसीएस अधिकारी एसोसिएशन का पूरा समर्थन करते हैं।

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