Friday, April 3, 2026
Google search engine

98 वर्षीय महिला को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मिला कैंसर का कैशलेस इलाज, जनहितकारी स्वास्थ्य मॉडल के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण

सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों को भी बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर इलाज मिल सके। इसी क्रम में मोगा की 98 वर्षीय महिला को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैंसर का कैशलेस इलाज मिला।

योजना की सबसे वरिष्ठ लाभार्थियों में से एक मुख्तियार कौर ने कीमोथेरेपी से संबंधित विशेष उपचार प्राप्त किया, जिसका पूरा खर्च सेहत कार्ड के तहत वहन किया गया। इस उम्र में जहां निरंतर चिकित्सा देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है, वहां कैशलेस उपचार की उपलब्धता ने यह सुनिश्चित किया कि उपचार से जुड़े निर्णय केवल चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर लिए जाएं, न कि आर्थिक स्थिति के आधार पर।

इस उपचार में उन्नत दवाओं और सहायक चिकित्सा का उपयोग किया गया, जिसके लिए निरंतर निगरानी और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक था। अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि होते ही उपचार बिना किसी देरी के शुरू कर दिया गया, जिससे देखभाल की निरंतरता बनी रही।

बुजुर्ग परिजनों की देखभाल करने वाले परिवारों के लिए बार-बार अस्पताल जाना और विशेष उपचार का खर्च अक्सर एक बड़ी चिंता बन जाता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना इस समस्या का समाधान करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बना रही है, जिससे परिवार पूरी तरह मरीज की देखभाल और स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि पंजाब के बुजुर्ग मरीजों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के समय पर और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिलें, साथ ही उनकी गरिमा भी बनी रहे। जीवन के इस चरण में उपचार तक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह योजना परिवारों को आत्मविश्वास के साथ यह देखभाल सुनिश्चित करने में सक्षम बना रही है।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है, जिससे लाभार्थी पंजाब भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लाभार्थी 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में 2300 से अधिक उपचार पैकेजों के तहत इलाज प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब सरकार नागरिकों को निर्धारित केंद्रों पर सेहत कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे इस योजना के तहत कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments