चंडीगढ़, 16 दिसंबर| मान सरकार ने बिजली कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। पंजाब सरकार ने दुर्घटना मुआवजा नीति शुरू की है। इस मुआवजा नीति के तहत ड्यूटी के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले कर्मचारियों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा इलाज के लिए 3 लाख रुपये एडवांस दिए जाएंगे। संविदा कर्मचारियों के लिए अनुग्रह राशि भी 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
मुआवजा अधिनियम 1923 के तहत आयु सीमा हटाकर सभी को मुआवजा दिया जाएगा। यह जानकारी कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने दी। बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि करंट से कर्मचारियों की मौत पर 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा विभाग की लापरवाही का मुआवजा भी आम जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत, पीएसपीसीएल के नियमित कर्मचारियों को न केवल दुर्घटना लाभ मिलेगा, बल्कि वे आपात स्थिति के दौरान 3 लाख तक का चिकित्सा अग्रिम भी प्राप्त कर सकेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा प्राप्त करने में किसी भी वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि इस नीति के लागू होने से पहले, ठेके और उप-ठेके के श्रेणियों में श्रमिकों को गैर-घातक दुर्घटनाओं के मामले में कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता था, जबकि नई नीति वित्तीय लाभ को सुनिश्चित करती है कि 100 प्रतिशत विकलांगता की स्थिति में 10 लाख का भुगतान किया जाए।





