चंडीगढ़, 24 नवंबर | PGI के नेहरू अस्पताल में महिला मरीज को जहर का इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों और डॉक्टरों को काम पर वर्दी और पहचान पत्र पहनने का निर्देश दिया है।
जारी आदेशों में पीजीआई के निदेशक डाॅ. विवेक लाल ने कहा, “यह देखा गया है कि संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, छात्र, नर्सिंग और पैरा-मेडिकल स्टाफ सहित स्टाफ सदस्य, वर्दी के साथ न तो एप्रन पहनते हैं और न ही पहचान पत्र पहनते हैं। संस्थान के सभी स्टाफ सदस्यों को एप्रन, वर्दी और पहचान पत्र पहनकर नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि 15 नवंबर को नेहरू अस्पताल डी-ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर स्थित स्त्री रोग वार्ड में एक अज्ञात लड़की ने घुसकर एक महिला मरीज को गलत इंजेक्शन लगा दिया था। राजपुरा निवासी मरीज हरमीत कौर (25) को किडनी की समस्या के कारण 3 नवंबर को पीजीआई के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उसे 13 नवंबर को स्त्री रोग वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।
6 दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी जसप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया. इसी बीच पता चला कि महिला मरीज के भाई जसमीत सिंह ने पैसे देकर इंजेक्शन के लिए जसप्रीत कौर को भेजा था। मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।





