चंडीगढ़, 16 नवंबर| पंजाब में नई खेल नीति जारी करने के बाद अब ‘आप’ सरकार ने खेल संघों से राजनीतिक हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म करने की तैयारी कर ली है। पंजाब के खेल मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश में यह खुलासा हुआ है। इस संबंध में एक विशेष नीति भी तैयार की गई है।
सरकार जल्द ही पुराने खेल संघों को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराएगी। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विशेष दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे, जिसमें राजनीतिक नेताओं को एसोसिएशन से बाहर रखा जाएगा।
एसोसिएशन में उन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने पंजाब और देश के लिए खेलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इतना ही नहीं माननीय सरकार खेल संघों के पदों के लिए आयु सीमा भी तय करेगी ताकि खेलों को परिणाम की दृष्टि से मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही स्पोर्ट्स कोड इस तरह तैयार किया जाएगा कि कई नेता चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
जानकारी के मुताबिक सरकार के संज्ञान में काफी समय से ऐसे मामले आ रहे थे, जिसमें कई राजनीतिक दलों के नेताओं के करीबी लोग बड़े-बड़े पदों पर आसीन होकर संघों के अध्यक्ष बन गए थे, जिसके चलते खिलाड़ियों को भी क्योंकि खिलाड़ी भी प्रभावित हुए। क्षति हुई।
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने हाल ही में स्पोर्ट्स कोड लागू किया है, जिसका उद्देश्य खेल महासंघों पर वर्षों से चली आ रही पकड़ को हटाना और पारदर्शिता लाना है। इसी स्पोर्ट्स कोड की तर्ज पर पंजाब सरकार इसे पंजाब में भी लागू करने जा रही है। केंद्र सरकार ने पंजाब समेत सभी सरकारों को अपने राज्यों में स्पोर्ट्स कोड लागू करने का निर्देश दिया था ताकि खेलों को बढ़ावा दिया जा सके।
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