फिरोजपुर, 14 मार्च | मजदूर जीरा सिंह, जो शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन में भाग ले रहे थे, हरियाणा पुलिस द्वारा फेंके गए आंसू गैस के गोलों की चपेट में आ गए थे। गत दिवस इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
आंसू गैस से बिगड़ी तबीयत: 11 फरवरी को गांव आसिफ वाला से किसानों-मजदूरों का एक बड़ा जत्था दिल्ली कूच के लिए रवाना हुआ था। जीरा सिंह भी इस जत्थे का हिस्सा थे। 13 फरवरी को जब जत्था शंभू बैरियर पर पहुंचा तो हरियाणा पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए धुएं के गोले दागे। जीरा सिंह इन गोलों की चपेट में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
अस्पताल में मौत: जीरा सिंह को फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
आर्थिक मदद की मांग: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने सरकार से जीरा सिंह के परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है। जीरा सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।





