पंजाब व हरियाणा में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश पटियाला पुलिस ने किया था। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात आरोपियों को काबू किया। मामले में पुलिस जांच जारी है।
डीलरों की ओर से इस अंतरराज्यीय गिरोह से आगे बेचने के लिए बच्चियों की मांग की जाती थी। इसके चलते यह गिरोह गरीब लोगों से उनकी दूधमुही बेटियां को खरीद लाता था। आगे यह लड़कियां डीलरों की ओर से सात लाख रुपये तक में बेच दी जाती थीं।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह की ओर से इससे पहले सात नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त की जा चुकी है। इन बच्चों को गिरोह के सदस्यों की ओर से कहां से खरीदा गया और आगे कहां व किन लोगों को बेचा गया, इस बारे में पता लगाया जाएगा। जिसके बाद इन सभी को भी मामले में नामजद किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के साथ जुड़े एक डीलर को फिलहाल पकड़ा है। डीलरों की संख्या ज्यादा भी हो सकती है।जानकारी के मुताबिक गिरोह की ओर से लड़की को डेढ़ से दो लाख में खरीद कर आगे छह से सात लाख रुपये तक में बेचा जाता था, जबकि वहीं लड़कों को एक लाख रुपये तक में खरीद कर तीन से चार लाख रुपये तक में बेचा जाता था।
पटियाला, बठिंडा में बच्चा चोरी की घटनाओं की भी होगी जांच
सीआईए स्टाफ समाना के इंचार्ज विजय कुमारने बताया कि पटियाला में कुछ साल पहले पटियाला के सरकारी माता कौशल्या अस्पताल और अब बठिंडा के अस्पताल से नवजात बच्चों की चोरी की घटनाओं में कहीं इस गिरोह की संलिप्तता तो नहीं, इस पहलू से भी जांच की जाएगी।
अब तक की जांच में सामने आया है कि डीलरों द्वारा गिरोह से खरीदे बच्चों को आगे जरूरतमंदों को बेचा जाता था। लेकिन इस पहलू से भी जांच की जाएगी कि क्या लड़कियों को आगे बड़ी होने पर वेश्यावृति में डालने के लिए तो नहीं खरीदा जा रहा था।





