नई दिल्ली, 14 दिसंबर | संसद में दर्शक दीर्घा पार कर रंगीन धुएं का इस्तेमाल करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाने जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने UAPA की धारा के तहत संसद की सुरक्षा में लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस कड़ी जांच के घेरे में आ गई है और संसद की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
बुधवार दोपहर को दोनों आरोपी मनाराना डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में दाखिल हुए और रंगीन धुएं का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद संसद में मौजूद सदस्यों ने उन्हें मार्शल के हवाले कर दिया।
दूसरी ओर, उनके सहयोगियों नीलम और अमोल शिंदे ने रंगीन धुएं का इस्तेमाल किया और संसद भवन के बाहर नारे लगाए। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस साजिश में ललित और विशाल शर्मा नाम के दो अन्य आरोपी भी शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।
पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय शिंदे ने महाराष्ट्र के लातूर जिले में अपना गांव यह कहकर छोड़ा था कि वह सेना भर्ती अभियान में भाग लेने के लिए दिल्ली जा रहा है। शिंदे ने हरियाणा की नीलम के साथ संसद के बाहर ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम, जय भारत’ के नारे लगाए।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी, जिसे छह लोगों ने अंजाम दिया, ये सभी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले योजना बनाई और बुधवार को संसद आने से पहले रेकी की। उन्होंने कहा, ”संसद आने से पहले उनमें से 5 लोग गुरुग्राम में विशाल के घर पर रुके थे। योजना के मुताबिक, सभी छह लोग संसद में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन केवल दो को ही पास मिला।





