नई दिल्ली, 23 नवंबर| आज सरकार और टेक कंपनियों की डीपफेक टेक्नोलॉजी के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे। इस मीटिंग का उद्देश्य डीपफेक कंटेंट को रोकने के लिए रणनीति बनाना और उनका समाधान करना है।
इस बैठक में डीपफेक को लेकर कोई नया कानूनी भी बन सकता है या फिर पुराने आईटी कानून में ही संशोधन किया जा सकता है।
18 नवंबर को अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि डीपफेक कंटेंट को रोकने के लिए सरकार ने सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को नोटिस जारी किया है और जल्द ही इन प्लेटफॉर्म के साथ एक बैठक होगी। इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा है कि यह बहुत ही गंभीर समस्या है।
साउथ अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का वीडियो वायरल होने के बाद डीपफेक को लेकर गंभीर चर्चा शुरु हो गई। जिसके बाद सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को एक एडवाइजरी जारी की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डीपफेक को बहुत खतरनाक बताया है। उन्होंने बताया कि उनका भी एक गरबा खेलते हुए वीडियो वायरल हुआ है, जबकि उन्होंने कभी गरबा खेला ही नहीं है। उनके इस बयान के बाद डीपफेक अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। आज की बैठक में डीपफेक को लेकर कोई नया कानूनी भी बन सकता है या फिर पुराने आईटी कानून में ही संशोधन किया जा सकता है।





