लुधियाना | पंजाब के समराला के पास एक बच्चा प्लास्टिक डोर की चपेट में आ गया। वह अपने परिजनों के साथ कार में जा रहा था। पतंग देखकर जैसे ही उसने खिड़की से बाहर सिर निकाला तो वह डोर की चपेट में आ गया। बच्चे का चेहरा खून से लथपथ हो गया।
बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे DMC रेफर कर दिया। बच्चे के 120 टांके चेहरे पर लगे हैं। चेहरे की अभी एक सर्जरी और होनी है। बच्चे का नाम हरजीत सिंह है और वह 4 साल का है। वह नर्सरी कक्षा का छात्र है।
हरजोत सिंह के पिता विक्रमजीत सिंह ने कहा कि वे परिवार सहित गुरुद्वारा श्री कटाना साहिब में माथा टेकने गए थे। घर लौटते समय जब वे नीलों नहर पुल के पास टोल बैरियर को पार कर रहे थे तो उसका बेटे ने पतंग देखने के लिए सिर कार की खिड़की से बाहर निकाल लिया। अचानक एक प्लास्टिक की डोर उसके चेहरे पर उलझ गई। पतंग की डोर से उसके चेहरे पर कट के निशान पड़ गए।
उसने तभी कार को सड़क के किनारे रोक दिया। सभी ने काफी कड़ी मशक्कत के बाद चेहरे से डोर हटाने की कोशिश की क्योंकि डोर पूरे चेहरे पर लिपट चुकी थी। उसे चंडीगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। उसकी हालत बिगड़ती देख DMC अस्पताल दाखिल करवाया गया।
DSP वरयाम सिंह ने कहा कि प्लास्टिक डोर बेचने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कुछ लोग ही डोर बेचने में कामयाब रहे है। पुलिस उन आरोपियों का पता लगाने की कोशिश करेगी जो हाईवे के पास प्रतिबंधित पतंग की डोर से पतंग उड़ा रहे थे।
11 जनवरी को बद्दोवाल में एक 7 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई और उसका दोस्त, जो उसे बचाने आया था, उसका पतंग बिजली की तारों में उलझ गया था जिससे वह घायल हो गया।
इसी तरह जगराओं में 8 जनवरी को, एक रेस्तरां मालिक के हाथ और सिर में प्लास्टिक की डोर लग गई थी। उस व्यक्ति के भी 50 से अधिक टांके लगे थे।





