चण्डीगढ़| 26 दिसंबर को पंजाब के पटियाला में एक और नया कोविड पेशेंट मिला है। इससे पंजाब में कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर है। इससे राज्य में एक्टिव केसों की संख्या 38 पहुंच गई। वहीं, एक भी मरीज ठीक नहीं हुआ।
पंजाब में कोविड टेस्टिंग कम होने पर लगातार सवाल खड़े हाे रहे हैं। राज्य सरकार इसे बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं ले रही है। इसका उदाहरण यह है कि 26 दिसंबर को फाजिल्का और मानसा में एक भी कोविड टेस्ट नहीं किया गया। कपूरथला और SBS नगर में भी केवल 1-1 कोविड टेस्ट किया गया है। बड़ा सवाल यह है कि टेस्टिंग नहीं होने से कोरोना से ग्रस्त मरीजों की पहचान कैसे हो सकेगी और किस प्रकार महामारी की रोकथाम के प्रयास सफल होंगे।
2 जिलों में कोई टेस्ट नहीं, 8 जिलों में केवल 6
फाजिल्का और मानसा में कोई टेस्टिंग नहीं की गई। वहीं, फिरोजपुर में 5, कपूरथला-1, मलेरकोटला-4, मोगा-4, मुक्तसर-2, पठानकोट-6, रोपड़-2 और SBS नगर-1 टेस्ट ही किया गया।
इनके अलावा अधिकांश जिलों में 18 से 50 कोविड टेस्ट भी नहीं हुए। इनमें बठिंडा-22, फतेहगढ़ साहिब 30, गुरदासपुर-22, होशियारपुर 18, SAS नगर 32 और तरन तारन में 45 टेस्ट किए गए।
एक जिले के अलावा कहीं संतोषपूर्ण टेस्टिंग नहीं
सबसे अधिक जालंधर-658, पटियाला-140, संगरूर-140, लुधियाना-122, अमृतसर-69 और फरीदकोट में 61 कोरोना के टेस्ट किए गए।
कोविड सैंपल लिए 2050, टेस्ट किए 1432
पूरे पंजाब में 26 दिसंबर को न के बराबर कोविड टेस्टिंग का असर देखने को मिला, जबकि 25 दिसंबर को कुल 5497 कोविड सैंपल लिए गए थे। वहीं यह आंकड़ा 26 दिसंबर को नीचे गिरकर केवल 2050 पर सिमट गया। 25 दिसंबर को 5140 लोगों की कोविड टेस्टिंग की गई थी लेकिन 26 दिसंबर को यह आंकड़ा 1432 पर ही ठहर गया।





