पटियाला, 23 अगस्त। बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक कांड का मास्टरमाइंड रमनजीत सिंह उर्फ रोमी आखिर पंजाब पुलिस के शिकंजे में आ गया। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एआइजी हरविंदर विर्क व डीएसपी बिक्रम बराड़ आरोपित रोमी को हॉन्गकांग से प्रत्यर्पण करवा वीरवार शाम दिल्ली पहुंचे।
उसे पटियाला में कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रोमी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के संपर्क में था। रोमी शेरा खुब्बन व विक्की गोंडर गैंग का मुख्य सदस्य था।
साल 2016 के नवंबर में दिया वारदात को अंजाम
उसी ने 27 नवंबर, 2016 को सुबह नौ बजे नाभा जेल ब्रेक कांड को अंजाम देने के लिए गैंग को धन, हथियार व जेल में प्रवेश के लिए नकली पहचानपत्र मुहैया करवाए थे। उसने जेल से भागे आरोपितों को छिपने के सुरक्षित ठिकाना भी उपलब्ध करवाया था।
इन गैंगस्टर को करवाया था फरार
रोमी को भारत लाने की जानकारी डीजीपी गौरव यादव ने अपने एक्स प्लेटफार्म पर दी। उन्होंने बताया कि रोमी की मदद से ही गैंगस्टरों ने पुलिस वर्दी पहन उच्च सुरक्षा वाली जेल में घुसपैठ कर छह खतरनाक कैदियों गैंगस्टर हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू, गुरप्रीत सिंह सेखों, अमनदीप सिंह ढोटियां, कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दीओल, कश्मीर सिंह उर्फ गलवड्डी और गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गोंडर को फरार करवाया था।
विक्की गोंडर को पंजाब पुलिस ने 26 जनवरी, 2018 में राजस्थान में मुठभेड़ में मार गिराया था, जबकि अन्य पकड़ लिए थे। नाभा जेल ब्रेक के कुल 26 आरोपित गिरफ्तार कर चार्जशीट पेश की गई थी। रोमी को भगोड़ा घोषित कर लुक आउट सर्कुलर और रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया था।
उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया 2018 में हांगकांग के साथ संधि के तहत की गई थी। हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने छह अगस्त को रोमी के आत्मसमर्पण के संबंध में आदेश जारी किया था।
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