प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को बांटे जाने वाला गेहूं और चावल अफसरों की मिलीभगत से डकारा जा रहा है। हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन (हैफेड) के अंबाला के गोदाम से चावल के बाद अब गेहूं की करीब 150 बोरियां (करीब 75 क्विंटल) कम मिली हैं। हालांकि अधिकारियों को इस हेरफेर की इससे कहीं अधिक होने की आशंका है। गरीबों के राशन को हड़पने वाली इस पूरी चेन का पता लगाने के लिए विभागीय जांच के साथ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए गए हैं।
हैफेड के उच्चाधिकारियों को दिसंबर के पहले सप्ताह में अंबाला स्थित गोदाम से चावल के स्टाक में घपले की सूचना मिली थी। यह चावल महाराष्ट्र भेजा गया था। मगर गंतव्य पर 230 क्विंटल चावल कम पहुंचा। इसके बाद हैफेड के अधिकारियों ने आनन-फानन में एक स्टोर कीपर को निलंबित करते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी। कमेटी ने गोदाम का स्टॉक जांचा तो पता चला कि चावल के साथ बड़ी मात्रा में गेहूं के स्टॉक में भी हेरफेर की गई है।
हैफेड के महाप्रबंधक अरुण आहुजा ने बताया कि गेहूं और चावल के स्टॉक में इतने बड़े स्तर पर हेरफेर सिर्फ एक स्टोर कीपर नहीं कर सकता। इसमें एक पूरी चेन शामिल है। इसलिए हैफेड मुख्यालय केप्रबंध निदेशक ए श्रीनिवास ने अंबाला डीएम को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
राज्यभर के गोदामों में होगा निरीक्षण
चावल के बाद गेहूं का स्टाक कम मिलने से हैफेड के अधिकारी सकते में हैं। वीरवार को पंचकूला मुख्यालय में शाम पांच बजे से रात करीब आठ बजे तक अधिकारियों की बैठक चलती रही। इसमें हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। चेयरमैन ने प्रदेश के सभी गोदामों में स्टॉक की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
गरीबों का राशन चोरी करने की सूचना मिली है। भ्रष्टाचारी गरीबों के राशन को भी हजम कर गए। इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ कानूनी और विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। – कैलाश भगत, हैफेड चेयरमैन





