मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वित्त विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही ऊंचे पद पर क्यों न हो। मध्य में ख़ज़ाना एवं लेखा शाखा (मुख्यालय) तथा विभिन्न ज़िला ख़ज़ाना कार्यालयों में तैनात चार कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतें मिलते ही विभाग ने बिना किसी देरी के कार्रवाई की। इन चारों अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया और मामले की गहन जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया गया। पूर्ण जांच के बाद दिसंबर 2025 में निर्णायक कार्रवाई की गई। सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2 के पद पर तैनात एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि शेष तीन कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार कड़ी सज़ा दी गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प अंतर्गत राज्य सरकार लोगों को पारदर्शी, जिम्मेदार और स्वच्छ प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां भी भ्रष्टाचार सामने आएगा, वहां अधिकारी के पद की परवाह किए बिना तुरंत और सख़्त कार्रवाई की जाएगी। ये कार्रवाइयां एक स्पष्ट संदेश हैं कि किसी भी परिस्थिति में गैर-कानूनी गतिविधियों और अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की प्राथमिकता पंजाब के लोगों के लिए एक ईमानदार और भरोसेमंद प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है।




