संपत्ति अधिकारों की रक्षा और लंबे समय से चली आ रही कानूनी अनिश्चितता को दूर करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक फैसले में मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सहकारी आवासीय सभाओं में रहने वाले निवासियों के हित में बड़े नागरिक-केंद्रित सुधार प्रस्तुत किए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान, जिनके पास सहकारिता विभाग भी है, के निर्देशों के अनुरूप सरकार ने सहकारी आवासीय संपत्तियों के पंजीकरण को किफायती, सुरक्षित और कानूनी रूप से मजबूत बनाने हेतु व्यापक ढांचे को मंजूरी दी है। साथ ही, राज्य के लिए स्टांप शुल्क की वैध वसूली भी सुनिश्चित की गई है। पंजाब सरकार ने सहकारी आवासीय सभाओं में संपत्ति के हस्तांतरण को कानूनी रूप देने के लिए दूरगामी कदम उठाए हैं। इनमें से अनेक सोसायटियां दशकों से बिना पंजीकरण के रही हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कई सुधारों को मंजूरी दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहकारी आवासीय सभाओं में संपत्ति के हस्तांतरण औपचारिक रूप से पंजीकृत हों, कानूनी रूप से सुरक्षित हों और नागरिकों के लिए वित्तीय रूप से लाभकारी भी हों। साथ ही, राज्य के राजस्व हितों की भी रक्षा हो सके। सहकारी आवासीय सभाओं द्वारा उनके मूल सदस्यों के पक्ष में किए गए मूल आवंटन के दस्तावेजों को स्टांप शुल्क से पूर्णतः मुक्त किया गया है। ऐसी पंजीकरणों को घोषित मूल्य पर केवल एक मामूली पंजीकरण शुल्क के साथ अनुमति दी जाएगी। राजस्व विभाग द्वारा परिभाषित और अधिसूचित अनुसार यह छूट कानूनी वारिसों, जीवनसाथी और पात्र पारिवारिक सदस्यों को भी दी गई है, ताकि वास्तविक उत्तराधिकार के मामलों में पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पंजाब सरकार ने सहकारी आवासीय सभाओं द्वारा वसूली जा सकने वाली हस्तांतरण शुल्क पर भी एक स्पष्ट कानूनी सीमा निर्धारित की है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि हस्तांरण या पंजीकरण के समय सदस्यों को अतिरिक्त मांगों या मनमानी का सामना न करना पड़े। सहकारी आवासीय सभाओं में बड़ी संख्या में संपत्तियां वर्षों से बिना पंजीकरण के पड़ी हैं, जिसके कारण परिवार स्पष्ट कानूनी स्वामित्व से वंचित रहे हैं और उन्हें विवादों व मुकदमेबाजी का सामना करना पड़ा रहा है। इस पहल के प्रभाव पर बात करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि ये सुधार नागरिकों के लिए कानूनी रूप से सुरक्षित स्वामित्व, राज्य के लिए हस्तांतरण शुल्क की वैध वसूली, बाध्यता के बजाय प्रेरणा के माध्यम से पंजीकरण को बढ़ावा देने और सभाओं द्वारा अनुचित ह्स्तांतरण खर्चों से सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सहकारिता विभाग ने पहले ही पंजाब भर के उपायुक्तों और उप-पंजीयकों को इन मानकों के सुचारू और एकसमान क्रियान्वयन हेतु विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने सभी पात्र निवासियों से इस सीमित समय के अवसर का लाभ उठाने, अपनी हस्तांतरण विलेख कन्वेयंस डीड पंजीकृत कराने और अपने संपत्ति अधिकारों को सुरक्षित करने की अपील की है। यह पहल पंजाब भर में संपत्ति लेन-देन को कानूनी और पारदर्शी बनाते हुए आम नागरिक की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”




