इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब के आवास निर्माण और शहरी विकास मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि इस प्रयास से न केवल इन स्ट्रीट वैंडरों को कारोबार के लिए एक समर्पित जगह मिलेगी बल्कि ग्राहकों को भी एक स्थान पर खरीददारी करनी आसान होगी। इससे शहर में ट्रैफ़िक की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह साईटें नगर निगम को केवल रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए मार्केटें विकसित करने के लिए मुफ़्त में सौंपी गई हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि यह चार स्थानों सैक्टर-56 में 3341.59 वर्ग गज़, सैक्टर-77 में 2516.88 वर्ग गज़ और 1873.14 वर्ग गज़, और सैक्टर-78 में 2588.24 वर्ग गज़ में स्थित हैं। उन्होंने बताया कि इन साईटों का चयन अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों तक आसान पहुँच को ध्यान में रखते हुये किया गया है।
आवास निर्माण और शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नगर निगम, एस. ए. एस. नगर को स्ट्रीट वैंडरों को ऐसे ढंग से तबदील करने के लिए कहा है जिससे एक पॉकेट में एक ही तरह के काम वाले हों जिससे खरीददारों और कारोबार करने वालों को लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि नगर निगम को अलॉट की गई इन साईटों का स्वामित्व गमाडा के पास ही रहेगा। भविष्य में नगर निगम यदि इन स्थानों से स्ट्रीट वैंडरों को कहीं और तबदील करना चाहता है तो गमाडा इन साईटों का कब्ज़ा वापस ले सकेगा। ऐसी स्थिति में इन वैंडर साईटों को अन्य जगह तबदील करने का खर्चा नगर निगम द्वारा ही उठाया जायेगा।
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