पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वायरल हुए इंटरव्यू के पंजाब के किसी भी जेल से होने से इनकार किया है। डीजीपी ने कहा कि लॉरेंस बठिंडा की हाई सिक्योरिटी जोन में बंद है। वहां एक बैरक में एक ही कैदी होता है। वहां 24 घंटे मॉनिटरिंग होती है। वहां पर सीसीटीवी और डबल गार्ड होते हैं। बठिंडा की हाई सिक्योरिटी जोन में आज तक मोबाइल नहीं मिले हैं।
उन्होंने कहा कि इस जोन में लाइट कभी बंद नहीं होती। इसके अलावा जिस पीले रंग की टीशर्ट में इंटरव्यू दिया गया है, वह भी तलाशी में नहीं मिली। डीजीपी ने कहा कि लॉरेंस पंजाब पुलिस से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई थी। उसने अपने आपराधिक कैरियर का लंबा समय पंजाब की जेल से बाहर गुजारा है।
डीजीपी ने कहा कि इंटरव्यू में लॉरेंस गैंगस्टर जग्गू को भाई कह रहा है, जबकि गोइंदवाल जेल में लॉरेंस व जग्गू के गुटों के बीच गैंगवार हुई थी और जग्गू के दो शूटरों की हत्या कर दी गई। ऐसे में लारेंस अपने इंटरव्यू में जग्गू को भाई नहीं बोल सकता है। साथ ही उसके हुलिये में काफी अंतर है।
यह वर्तमान स्थिति से मेल नहीं खा रहा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इस मामले की पुलिस किसी और एजेंसी से जांच नहीं करवाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।





