हिमाचल प्रदेश में अब लोग चिड़ियाघरों और रेस्क्यू सेंटरों में बंद जंगली जानवरों को गोद ले सकेंगे। जी हां, आपको सुनने में यह अजीब जरूर लगेगा लेकिन अब आप ऐसा कर सकते हैं। अगर आपको जानवर गोद लेने हैं तो इसके लिए आपको सालाना दो लाख रुपये देने होंगे। अगर आप शेर, तेंदुआ, ब्राउन बीयर और ब्लैक बीयर को गोद लेना चाहते हैं तो आपको एक साल लिए दो लाख देने होंगी और वहीं जाजुराना पक्षी के लिए 12 हजार देने होंगे।
चिड़ियाघर में ही रहेंगे ये जानवर
हालांकि ये जानवर चिड़ियाघर में ही रहेंगे। व्यक्ति जिस भी जानवर को गोद लेगा उसकी जानकारी पिंजरे के बाहर बोर्ड लगाकर इसकी दी जाएगी। इस योजना को हाल ही में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने इसे लांच किया है। इतना ही नहीं उन्होंने खुद पक्षी को गोद लेते हुए 12 हजार रुपये दिए हैं।
राज्यपाल ने लोगों से की यह अपील
इस दौरान राज्यपाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे जंगली जानवरों के बेहतर रखरखाव और पालन पोषण के लिए इस योजना से जुड़ें और उनके लिए सालाना खर्च विभाग में जमा करवाएं।





