देश में मौजूद Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे UPI भुगतान ऐप अन्य ऐप पर जल्द ही लेन-देन की सीमा को लिमिटेड किया जा सकता हैं. जिससे यूजर्स को अभी अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन को मिलने वाला लाभ नहीं मिल पायेगा. UPI डिजिटल पाइपलाइन का संचालन करने वाले भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) रिज़र्व बैंक के साथ इस विषय पर चर्चा कर रहा है. जिसके अनुसार इसके लागू किये जाने की समय सीमा को प्रस्तावित 31 दिसंबर से लागू किया जा सकता हैं. आइये आपको विस्तार से जानकारी देते हैं.
अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन
अभी किसी भी तरह के भुगतान के लिए प्रयोग की जाने वाली फोनपे, गूगलपे, पेटीएम जैसी ऐप्स पर लेने-देन करने की कोई लिमिट नहीं हैं. साथ ही ये एप्लिकेशंस 80% बाजार पर अपना कब्जा जमाये हुए हैं. इस पर लगाम लगाने के लिए NPCI थर्ड पार्टी ऐप के लिए 30% का वॉल्यूम कैप लगाने के पछ में हैं. इसके लिए सभी पहलुओं पर व्यापक रूप से विचार करने के लिए एक बैठक की जा चुकी है. जिसमें एनपीसीआई के अधिकारियों के साथ-साथ वित्त मंत्रालय और आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
अभी चल रहा मंथन
हालांकि, अभी 31 दिसंबर की समय सीमा को बढ़ाने पर कोई भी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. अभी एनपीसीआई सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है. लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है, कि NPCI इस महीने के आखिर तक, UPI मार्केट कैप की योजना को लागू करने पर फैसला ले सकता है.
पहले भी निर्देश हो चुका है जारी
एनपीसीआई पहले भी 2020 में लेन-देन के हिस्से की कैपिंग पर एक निर्देश जारी कर चुका है, जो 1 जनवरी, 2021 से लागू है, जिसके अनुसार एक थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रदाता UPI लेनदेन की 30 प्रतिशत मात्रा पर प्रक्रिया कर सकता है. जिसकी गणना पिछले तीन महीनों के लेनदेन के आधार पर की जाएगी





